Speak Asia News 24 October 2011
News 5
झलक इंडिया (मुंबई)
zalak india
News Source :- The BhaskarSpeak Asia News 24x7 Dated :- 24 October 2011
News 5
स्पीक एशिया: तारक जी कही नहीं भागे है
कुलजीत शर्मा
फिर से एक बार अफावाओं का बाजार गर्म हो रहा है ,TIME OF INDIA कह रहा है. स्पीक एशिया के सी ओ ओ तारक बाजपाई ज्यूपीटर हॉस्पिटल से गायब. तो E न्यूज़ पर दिखाया जा रहा है. तारक बाजपाई पुलिस की आँखों में धुल झोंक कर फरार कितनी सच्चाई है इन बातों में ?
कैसे मीडिया अपनी ताक़त का गलत इस्तेमाल कर रही है,जब की स्पीक एशिया अपनी जीत के करीब है. तारक जी की बेल ऑर्डर कब की मिल चुकी थी वह इस शर्त पर थी के अगले दो महीने हर सप्ताह में उन को पुलिस अधिकारियों के समक्ष हाजरी भरनी थी, तारक जी प्रकृति के कारण ज्यूपीटर हॉस्पिटल में भरती थे, हाजरी की दो महीने की मियाद ख़त्म हो चुकी है.
अब जिस व्यक्ति की जमानत मंजूर हो गयी हो वह क्या अपनी मर्जी से कही जाने के लिए आजाद नहीं हो सकता ? तो बस हो गया शुरू फिर से बात का बतंगड़ बनाने का सिलसिला. तारक जी कही नहीं भागे है और भाग भी नहीं सकते ,अगर भागना होता तो कब के भागे होते ना के अब तक का इन्तजार कर रहे होते दोस्तों स्पीक एशिया जीत के करीब है इस महीने के अंत तक हमारी सभी समस्याओं का अतं होने जा रहा है और नवम्बर की 10 तक स्पीक एशिया की साईट भी शुरू हो जाने के आसार है..कोर्ट दीपावली की छुट्टियों के कारन बंद है वरना हमारी दीपावली का आनंद दुगना होता सभी स्पीक एशियंस को झलक इंडिया की और से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.
झलक इंडिया (मुंबई)
zalak india
स्पीक एशिया: तारक वाजपेयी सामने क्यों नहीं आते
उदय प्रताप सिंह
आज टाइम्स ऑफ इंडिया ने खुलासा किया कि तारक वाजपेयी पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से गायब हो गए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने यह भी बताया कि वे हेरदाबाद पुलिस की हिरासत में थे और मुम्बई पेशी के दौरान आए थे, यहां एक सर्जरी के लिए ज्यूपीटर हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। इधर स्पीक एशिया के लोगों का कहना है कि वो भागे नहीं हैं, मीडिया झूठ बोल रही हैं। मैं केवल इतना पूछना चाहता हूं कि यदि तारक वाजपेयी सचमुच कहीं जाकर छिप नहीं गए हैं तो सामने क्यों नहीं आते।
मैं स्पीक एशिया का विरोध नहीं कर रहा, और यह भी बताना चाहता हूं कि तारक वाजपेयी के गिरफ्तार होने या फरार हो जाने से स्पीक एशिया की भुगतान प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पडऩे वाला, लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि मीडिया गलत बोल रही है तो केवल इतना कहने से कि मीडिया झूठ बोल रही है, और ये दलीलें देने से कि उनकी तो जमानत हो गई थी, काम नहीं चलने वाला।
नासमझ लोगों को यह बताया जा सकता है, उन्हें तो कटोरी में चांद भी दिलाया जा सकता है, लेकिन जिनमें भी थोड़ी बहुत बुद्धि है वे सभी एक आसान सा सवाल कर रहे हैं कि यदि तारक वाजपेयी कहीं जाकर छिप नहीं गए हैं, उन्हें कानून का कोई डर नहीं है, यदि वे फरार नहीं हुए हैं तो जहां हैं, जैसे हैं सामने आएं।
पूरे भारत में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के केमरे मौजूद हैं और तारक वाजपेयी अब इतने छोटे भी नहीं रहे कि वे टाइम्स ऑफ इंडिया का खंडन करना चाहें तो मीडिया उन्हें कवर न करे। स्टार न्यूज तक बात समझ आ रही थी, लेकिन यदि ये कहा जाए कि टाइम्स ऑफ इंडिया भी स्पीक एशिया का दुश्मन है, सारा जमाना स्पीक एशिया के खिलाफ है और भारत में जितने भी संत पुरुष हैं केवल स्पीक एशिया में ही हैं, वो जो भी कहें सच, दूसरे कुछ भी कहें सब झूठ तो यह समझ से बाहर की चीज हैं।
मुझे मालूम है कुछ स्पीक एशिया भक्त मुझे कतई पसंद नहीं करते, वे सोचते हैं कि मैं किसी दूसरी कंपनी से मिला हुआ हूं, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं कभी किसी को किसी भी कंपनी के लिए प्रेरित नहीं करता। मैने आज तक किसी भी कंपनी का प्रमोशन नहीं किया। मैं तो केवल यह बताता हूं कि कंपनियों में कितनी कमजोरियां हैं ताकि दूर की जा सकें। मैने स्पीक एशिया के टॉप मैनेजमेंट को भी केवल इसलिए तलाड़ लगाई थी, क्योंकि उनकी छोटी सी लापरवाही के कारण आज 19 लाख लोगों को यह दिन देखना पड़ रहा है। यदि वो समय रहते रजिस्ट्रेशन करा लेते और आलस न करते तो आज ये हालात न होते और हम और आप दीपावली खुशियों के साथ मना रहे होते। मैं वो कड़वा नीम हूं जो मीठे फल नहीं देता, लेकिन ऑक्सीजन देता है जो दिखती नहीं हैं, परंतु जीवन के लिए होती बहुत जरूरी है
मुझे मालूम है कुछ स्पीक एशिया भक्त मुझे कतई पसंद नहीं करते, वे सोचते हैं कि मैं किसी दूसरी कंपनी से मिला हुआ हूं, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं कभी किसी को किसी भी कंपनी के लिए प्रेरित नहीं करता। मैने आज तक किसी भी कंपनी का प्रमोशन नहीं किया। मैं तो केवल यह बताता हूं कि कंपनियों में कितनी कमजोरियां हैं ताकि दूर की जा सकें। मैने स्पीक एशिया के टॉप मैनेजमेंट को भी केवल इसलिए तलाड़ लगाई थी, क्योंकि उनकी छोटी सी लापरवाही के कारण आज 19 लाख लोगों को यह दिन देखना पड़ रहा है। यदि वो समय रहते रजिस्ट्रेशन करा लेते और आलस न करते तो आज ये हालात न होते और हम और आप दीपावली खुशियों के साथ मना रहे होते। मैं वो कड़वा नीम हूं जो मीठे फल नहीं देता, लेकिन ऑक्सीजन देता है जो दिखती नहीं हैं, परंतु जीवन के लिए होती बहुत जरूरी है